15 अगस्त 1947 को देश तो आजाद हो गया, दिन भर हर्षोल्लास भी रहा, लेकिन कहा जाता है कि कानपुर में डीएवी कॉलेज के हॉस्टल में अटलजी निराश थे. वो अखंड भारत की आजादी चाहते थे, बंटवारे के खिलाफ थे. तब उन्होंने एक कविता लिखी- ‘स्वतंत्रता दिवस की पुकार’.
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https://ift.tt/2VgOvFl आजादी पर लिखी अटल बिहारी वाजपेयी की ऐसी कविता, जिससे आज तक चिढ़ता है पाकिस्तान 15 अगस्त 1947 को देश तो आजाद हो गया, दिन भर हर्षोल्लास भी रहा, लेकिन कहा जाता है कि कानपुर में डीएवी कॉलेज के हॉस्टल में अटलजी निराश थे. वो अखंड भारत की आजादी चाहते थे, बंटवारे के खिलाफ थे. तब उन्होंने एक कविता लिखी- ‘स्वतंत्रता दिवस की पुकार’. https://ift.tt/eA8V8J August 16, 2020 at 07:40PM
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