Friday, July 31, 2020

लोकमान्य तिलक की 100 वीं पुण्यतिथि पर जानिए गांधीजी और तिलक के रिश्ते का अनोखा सच

आपके लिए ये जानना जरूरी है कि गांधीजी के कांग्रेस और भारत में उदय से पहले तिलक ही सबसे बड़े नेता थे. कांग्रेस ने 1929-30 के अधिवेशन में पहली बार आधिकारिक रूप से आजादी की मांग की थी और अप्रत्यक्ष रुप से आजादी मांगने वाले तिलक सर्वप्रथम नेता थे, जिन्होंने ‘स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा दिया था.

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https://ift.tt/2VgOvFl लोकमान्य तिलक की 100 वीं पुण्यतिथि पर जानिए गांधीजी और तिलक के रिश्ते का अनोखा सच आपके लिए ये जानना जरूरी है कि गांधीजी के कांग्रेस और भारत में उदय से पहले तिलक ही सबसे बड़े नेता थे. कांग्रेस ने 1929-30 के अधिवेशन में पहली बार आधिकारिक रूप से आजादी की मांग की थी और अप्रत्यक्ष रुप से आजादी मांगने वाले तिलक सर्वप्रथम नेता थे, जिन्होंने ‘स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है’ का नारा दिया था. https://ift.tt/eA8V8J August 01, 2020 at 11:46AM

सुशांत केस: बिहार और महाराष्ट्र पुलिस में ठनी, दूसरे राज्य में जांच को बताया गैर कानूनी

सुशांत सिंह राजपूत खुदकुशी मामले में जांच को लेकर महाराष्ट्र पुलिस और बिहार पुलिस में टकराव देखने को मिल रहा है. 

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https://ift.tt/2VgOvFl सुशांत केस: बिहार और महाराष्ट्र पुलिस में ठनी, दूसरे राज्य में जांच को बताया गैर कानूनी सुशांत सिंह राजपूत खुदकुशी मामले में जांच को लेकर महाराष्ट्र पुलिस और बिहार पुलिस में टकराव देखने को मिल रहा है.  https://ift.tt/eA8V8J August 01, 2020 at 11:18AM

दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन हैकथॉन को आज संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) आज (शनिवार) दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन हैकथॉन (Hackathon) के ग्रैंड फिनाले को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करेंगे.  

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बिहार के डिप्टी CM ने उठाई सुशांत सिंह राजपूत केस में CBI जांच की मांग, कही ये बात

इस बात का हमेशा संदेह रहा है कि मुंबई पुलिस चीजों को दबाने की कोशिश कर रही है लेकिन दौरे पर गए बिहार पुलिस दल के साथ सहयोग नहीं करने की खबरों के मद्देनजर ये आशंकाएं और बढ़ गई हैं.

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https://ift.tt/2VgOvFl बिहार के डिप्टी CM ने उठाई सुशांत सिंह राजपूत केस में CBI जांच की मांग, कही ये बात इस बात का हमेशा संदेह रहा है कि मुंबई पुलिस चीजों को दबाने की कोशिश कर रही है लेकिन दौरे पर गए बिहार पुलिस दल के साथ सहयोग नहीं करने की खबरों के मद्देनजर ये आशंकाएं और बढ़ गई हैं. https://ift.tt/eA8V8J August 01, 2020 at 10:40AM

कोरोना की खौफनाक रफ्तार, पिछले 24 घंटे में 57 हजार से ज्यादा केस; 764 की मौत

देश में कोरोना वायरस पॉजिटिविटी रेट 10.86 फीसदी है. गुरुवार से पॉजिटिविटी रेट में करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. पिछले 24 घंटे में देशभर में कोरोना से 764 लोगों की मौत हुई है.

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दिल्ली-एनसीआर में सुहाना है मौसम, आज और कल भी सामान्य बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज दिल्ली-एनसीआर में दिन भर सामान्य बारिश देखने को मिलेगी.वहीं अगले कुछ दिनों की बात करें तो कल भी दिल्ली में सामान्य बारिश होने के आसार हैं

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https://ift.tt/2VgOvFl दिल्ली-एनसीआर में सुहाना है मौसम, आज और कल भी सामान्य बारिश का अनुमान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज दिल्ली-एनसीआर में दिन भर सामान्य बारिश देखने को मिलेगी.वहीं अगले कुछ दिनों की बात करें तो कल भी दिल्ली में सामान्य बारिश होने के आसार हैं https://ift.tt/eA8V8J August 01, 2020 at 09:36AM

Tuesday, June 23, 2020

Dainik Bhaskar शादी के दस साल बाद तक हम मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे तक में गए। खूब पूजा-पाठ किया। मिन्नतें कीं। एक ही कामना था कि कैसे भी घर में बच्चा आ जाए। लोग हमें अलग-अलग जगह जाने की सलाह देते थे। कोई किसी मंदिर का पता बताता था तो कोई इबादत के लिए मस्जिद में जाने को बोलता था। हमने सब किया तब कहीं जाकर शादी के दस साल बाद अंकुश पैदा हुआ था। मां-बाप ने खूब मिन्नतें की थीं, तब कहीं जाकर उनके घर किलकारियां गूंजी थीं। यह कहते हुए गलवान में शहीद हुए अंकुश ठाकुर के पिता और रिटायर्ड फौजी अनिल ठाकुर का गला भर आया। बोले, साहब 1988 में मेरी शादी हुई थी और अंकुश का जन्म 24 नवंबर 1998 को हुआ। मैंने अपनी दस साल की नौकरी में सेना से जो कमाया था, वो तो इसी में खर्च कर दिया था कि मेरे घर में भी बच्चे की किलकारियां गूंजे। मेरी पत्नी को भी मां बनने का सुख मिले और मेरा परिवार भी आगे बढ़े। दस साल बाद बच्चा पैदा हुआ था, इसलिए अंकुश घर में बहुत लाड़ले थे। सब उन्हें प्यार करते थे। बड़ी मुश्किलों के बाद हमारे घर में खुशियां आई थीं। 1998 में जब अंकुश का जन्म हुआ, तब मेरी पोस्टिंग मेरठ में थी। 2002 में धर्मशाला आया और 2003 में 17 साल 6 महीने सेना में सेवा देने के बाद मैं रिटायर हो गया। घर की माली हालत खराब थी इसलिए 2005 में डिफेंस सिक्योरिटी कोर(डीएससी) ज्वॉइन कर ली थी, ताकि मेरा बच्चा अच्छे से पढ़-लिख सके। अंकुश में सेना में जाने का बहुत जुनून था। पिताजी के मना करने पर भी उन्होंने कह दिया था कि मैं सेना में ही जाऊंगा। अंकुश पढ़ने में भी बहुत तेज था लेकिन न जानें क्यों उसमें शुरू से ही सेना में जाने का जुनून और जोश था। मैं नहीं चाहता था कि वो सेना में जाए। मैंने सोचा कि बड़ी मिन्नतों के बाद तो पैदा हुआ है, लेकिन उसने साफ कह दिया था कि मैं सेना में ही जाऊंगा। उसका फौलादी इरादा देखकर मैंने भी फिर उसे मना नहीं किया। उसने तो सेना में जाने की कसम खा रही थी। परिवार से 20 मई को आखिरी बार अंकुश की बात हो पाई थी। 12वीं के बाद उसने बीएससी में एडमिशन लिया। दूसरी बार में ही भर्ती में उसका सिलेक्शन हो गया था। जनवरी 2019 में उसने सेना ज्वॉइन की थी। अंकुश के सिलेक्शन के वक्त हमारे गांव कडोहता में 16 साल बाद ऐसा हुआ था कि गांव का कोई लड़का सेना में भर्ती होने में कामयाब हुआ है। पहले हमारे गांव में हर घर से लड़के सेना में ही जाते थे। मैं सेना में रहा। मेरे पिताजी सेना में थे। शायद हमारे खून में ही सेना में भर्ती होना लिखा है। परिवार जवान बेटे की शादी के लिए लड़की की तलाश में था लेकिन पलभर में खुशी, मातम में बदल गई। सेना में जाने के बाद भी अंकुश ने पढ़ाई करना नहीं छोड़ा था। वो कमांडिंग अफसर बनना चाहता था। मेरी उससे आखिरी बार बात 20 मई को हुई थी। तब उसने बताया था कि, चीन से कुछ टेंशन चल रही है और हालात अभी ठीक नहीं हैं। इसके बाद मैंने उससे कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन बात हो ही नहीं सकी। 16 जून को सीधे उसके शहीद होने की खबर ही मुझे मिली। अंकुश को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सेना के अफसर मौजूद थे। दूसरा बेटा 12 साल का है, वो भी सेना में जाना चाहता है अंकुश के पिता अनिल कहते हैं कि अंकुश के जन्म के दस साल बाद हमारे घर दूसरा बेटा 2008 में हुआ। वो सातवीं क्लास में है, लेकिन अभी से ही सेना में जाना चाहता है। कहता है मुझे सेना में ही जाना है। मैं उसे भी नहीं रोकना चाहता। अंकुश की शहादत पर मुझे गर्व है। उसने हमारे पूरे गांव का नाम रोशनकिया है। अंकुश को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पर भीड़ उमड़ पड़ी थी। ऐसा पहली बार हुआ है, जब हमारे गांव से किसी ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अब गांव का एक स्कूल उसके नाम से जाना जाएगा। अस्पताल में उसका स्मारक बनेगा। इससे नए लड़के प्रेरणा लेंगे और सेना में जाने के लिए मोटिवेट होंगे। 19 जून को अंकुश पंचतत्व में विलीन हो गए। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें Ladakh Galwan Valley Martyr Ankush Thakur From Himachal Pradesh Hamirpur Updates; Shaheed Father Speaks To Dainik Bhaskar अक्षय बाजपेयी,2020-01-20.jpg,1781 https://ift.tt/3fPm1Nk https://ift.tt/2Ytqi3m Dainik Bhaskar https://ift.tt/1PKwoAf सेना में भर्ती होने के बाद पढ़ाई नहीं छोड़ी थी, वो कमांडिंग ऑफिसर बनना चाहता था

शादी के दस साल बाद तक हम मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारे तक में गए। खूब पूजा-पाठ किया। मिन्नतें कीं। एक ही कामना था कि कैसे भी घर में बच्चा आ जाए। लोग हमें अलग-अलग जगह जाने की सलाह देते थे। कोई किसी मंदिर का पता बताता था तो कोई इबादत के लिए मस्जिद में जाने को बोलता था। हमने सब किया तब कहीं जाकर शादी के दस साल बाद अंकुश पैदा हुआ था।

मां-बाप ने खूब मिन्नतें की थीं, तब कहीं जाकर उनके घर किलकारियां गूंजी थीं।

यह कहते हुए गलवान में शहीद हुए अंकुश ठाकुर के पिता और रिटायर्ड फौजी अनिल ठाकुर का गला भर आया। बोले, साहब 1988 में मेरी शादी हुई थी और अंकुश का जन्म 24 नवंबर 1998 को हुआ। मैंने अपनी दस साल की नौकरी में सेना से जो कमाया था, वो तो इसी में खर्च कर दिया था कि मेरे घर में भी बच्चे की किलकारियां गूंजे। मेरी पत्नी को भी मां बनने का सुख मिले और मेरा परिवार भी आगे बढ़े।

दस साल बाद बच्चा पैदा हुआ था, इसलिए अंकुश घर में बहुत लाड़ले थे। सब उन्हें प्यार करते थे।

बड़ी मुश्किलों के बाद हमारे घर में खुशियां आई थीं। 1998 में जब अंकुश का जन्म हुआ, तब मेरी पोस्टिंग मेरठ में थी। 2002 में धर्मशाला आया और 2003 में 17 साल 6 महीने सेना में सेवा देने के बाद मैं रिटायर हो गया। घर की माली हालत खराब थी इसलिए 2005 में डिफेंस सिक्योरिटी कोर(डीएससी) ज्वॉइन कर ली थी, ताकि मेरा बच्चा अच्छे से पढ़-लिख सके।

अंकुश में सेना में जाने का बहुत जुनून था। पिताजी के मना करने पर भी उन्होंने कह दिया था कि मैं सेना में ही जाऊंगा।

अंकुश पढ़ने में भी बहुत तेज था लेकिन न जानें क्यों उसमें शुरू से ही सेना में जाने का जुनून और जोश था। मैं नहीं चाहता था कि वो सेना में जाए। मैंने सोचा कि बड़ी मिन्नतों के बाद तो पैदा हुआ है, लेकिन उसने साफ कह दिया था कि मैं सेना में ही जाऊंगा। उसका फौलादी इरादा देखकर मैंने भी फिर उसे मना नहीं किया। उसने तो सेना में जाने की कसम खा रही थी।

परिवार से 20 मई को आखिरी बार अंकुश की बात हो पाई थी।

12वीं के बाद उसने बीएससी में एडमिशन लिया। दूसरी बार में ही भर्ती में उसका सिलेक्शन हो गया था। जनवरी 2019 में उसने सेना ज्वॉइन की थी। अंकुश के सिलेक्शन के वक्त हमारे गांव कडोहता में 16 साल बाद ऐसा हुआ था कि गांव का कोई लड़का सेना में भर्ती होने में कामयाब हुआ है। पहले हमारे गांव में हर घर से लड़के सेना में ही जाते थे। मैं सेना में रहा। मेरे पिताजी सेना में थे। शायद हमारे खून में ही सेना में भर्ती होना लिखा है।

परिवार जवान बेटे की शादी के लिए लड़की की तलाश में था लेकिन पलभर में खुशी, मातम में बदल गई।

सेना में जाने के बाद भी अंकुश ने पढ़ाई करना नहीं छोड़ा था। वो कमांडिंग अफसर बनना चाहता था। मेरी उससे आखिरी बार बात 20 मई को हुई थी। तब उसने बताया था कि, चीन से कुछ टेंशन चल रही है और हालात अभी ठीक नहीं हैं। इसके बाद मैंने उससे कई बार बात करने की कोशिश की लेकिन बात हो ही नहीं सकी। 16 जून को सीधे उसके शहीद होने की खबर ही मुझे मिली।

अंकुश को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान सेना के अफसर मौजूद थे।

दूसरा बेटा 12 साल का है, वो भी सेना में जाना चाहता है
अंकुश के पिता अनिल कहते हैं कि अंकुश के जन्म के दस साल बाद हमारे घर दूसरा बेटा 2008 में हुआ। वो सातवीं क्लास में है, लेकिन अभी से ही सेना में जाना चाहता है। कहता है मुझे सेना में ही जाना है। मैं उसे भी नहीं रोकना चाहता। अंकुश की शहादत पर मुझे गर्व है। उसने हमारे पूरे गांव का नाम रोशनकिया है।

अंकुश को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर पर भीड़ उमड़ पड़ी थी।

ऐसा पहली बार हुआ है, जब हमारे गांव से किसी ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। अब गांव का एक स्कूल उसके नाम से जाना जाएगा। अस्पताल में उसका स्मारक बनेगा। इससे नए लड़के प्रेरणा लेंगे और सेना में जाने के लिए मोटिवेट होंगे। 19 जून को अंकुश पंचतत्व में विलीन हो गए। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।



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Ladakh Galwan Valley Martyr Ankush Thakur From Himachal Pradesh Hamirpur Updates; Shaheed Father Speaks To Dainik Bhaskar


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Bihar Assembly Election 2020: पार्टी में टूट से परेशान RJD पर JDU ने कसा तंज, तो बीजेपी ने ली चुटकी

जैसे जैसे बिहार विधान सभा की आहट बढ़ती जा रही है वैसे वैसे बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल भी बढ़ गई है. और अब यह सवाल उठने लगा है कि क्...